कहीं न फिर देर हो जाये……

वक़्त की कदर कीजिये…, कहीं न फिर देर हो जाए

अपनी ज़िन्दगी में सभी लोग बहुत कुछ सोचते हैं. हम सब के अन्दर बहुत सा talent या प्रतिभा होती है, परन्तु हम में से कितने लोग अपनी मंजिल पा पाते हैं? कितने लोग हैं जो सफलता और कामयाबी को प्राप्त कर पाते हैं? क्या आपने कभी सोचा कि आप ने और आप के किसी मित्र दोनों ने कुछ सपने साथ-साथ देखे थे लेकिन आपके दोस्त के सपने सच हो गए और आप के सपने अधूरे रह गए. दूसरे शब्दों में कहें कि life में success पाने के chances तो सब को बराबर थे लेकिन कोई सफलता प्राप्त कर सका और कोई हाथ मलता रह गया. बाद में अफ़सोस करने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गई खेत!
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समय एक ऐसा धन है जो एक बार गुजरने के बाद दोबारा वापिस नहीं आता.

Life में कई moments ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक बार आते हैं. आपने एक हिंदी मूवी का ये song जरुर सुना होगा ‘जिंदगी के सफ़र में गुजर जाते हैं जो मक़ाम वो फिर नहीं आते…..’

कभी कभी ऐसे लोग मिलते हैं जो कहते हैं कि काश हमने बचपन में अच्छी पढाई कर ली होती तो आज हम अच्छी खासी नौकरी कर रहे होते!

सही समय पर सही वक़्त की कीमत

किसी से आपने सुना होगा कि काश उस समय मैं उस नौकरी को ज्वाइन कर लेता तो आज मेरी जिन्दगी ठाट से गुजरती!

कभी-कभी कई लोग कहते हैं कि काश यदि मैं उस ज़माने में अपने बिज़नेस पर ध्यान देता तो आज मैं एक अमीर व्यक्ति होता!

दोस्तों ढेर सारे लोग ढेर सारी बातें.

किसी के अपने मलाल तो किसी के अपने फ़साने….!
किसी को वक़्त गुजर जाने का गम तो किसी को वक़्त पर सही कदम न उठाने का दुःख!
किसी को समय रहते अपने कार्य पर ध्यान न देने का अफ़सोस, तो कोई वक़्त की कदर न कर पाने के कारण आज दुखी है!

समय अमूल्य धन है. जिसने समय की कदर की, समय उसकी कदर करता है. आप चाहे एक स्टूडेंट हों, एक बिजनेसमैन हों या एक गृहस्थ व्यक्ति हों, उचित समय पर और समय रहते सही कदम उठाने में ही भलाई है और समझदारी है.

कहते हैं कि अपनी गलतियों को सुधारने का सही समय आज ही और अभी है. किसी ने कहा भी है कि अपनी कमजोरियों और गलतियों को जितना जल्दी सुधार सकें सुधार लेना चाहिए. कहीं कल तक का इंतज़ार करने में फिर देर ना हो जाये.

आज हिंदी में लिखीं कुछ पंक्तियाँ याद आती हैं:

का वर्षा जब कृषि सुखाने,
समय चूक कर पुनि फिर पछिताने.

The ideas and views posted in this Hindi article are my own.
अनिल साहू
www.anilsahu.blogspot.in
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1 thought on “कहीं न फिर देर हो जाये……”

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