क्या पैसा ही सब कुछ है जिंदगी में?

क्या पैसा ही सब कुछ है जिंदगी में?

 

सदियों से पैसा और धन किसी व्यक्ति की सम्पन्नता व सामजिक प्रतिष्ठा का पर्याय माना जाता रहा है. रुपये-पैसे का बेशक हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है. हम पैसे से आरामदेह जिन्दगी बिता सकते हैं. पैसे से ही सुविधा व् सुरक्षा की चीजें जुटाई जा सकती हैं. ऐसा समाज जहाँ लोग हमेशा दूसरों के पैसे का अनुमान लगाने में रूचि रखते हैं वहां पैसा सम्मान एवं प्रतिष्ठा बन जाता है.

 

राष्ट्र की असली संपदा

 

किसी राष्ट्र की असली संपदा उसके सोने के सुरक्षित भण्डार नहीं हैं. असली संपदा है उसके मानवीय संसाधन अर्थात उसके लोग, आम जन.

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लोग दूसरों के बारे में यह जानने की कोशिश में रहते हैं कि वे कैसे कपडे पहनते हैं, कैसी गाड़ी रखते हैं आदि-आदि. अर्थात लोगों का उद्देश्य दूसरों की वित्तीय स्थिति जानने का रहता है.

 

क्या रुपया पैसा ही सब कुछ है जिन्दगी में? पैसे के प्रति हमारा रवैय्या सही होना चाहिए. पैसा भले ही कितना हो. पैसा एक अच्छा गुलाम या दास है परन्तु पैसा एक खराब मालिक है. बेशक धन रुपया जीवन को चलने के लिए जरुरी है. पैसे से सिर्फ खरीदी जा सकने वाली चीजों का ही आनंद उठा सकते हैं.

 

क्या पैसा ही सब कुछ है जिन्दगी में

 

Money and richness

 

However, money when slave sets you free. In spite of your richness and influence, you become down to earth, humble, person of humility, an attractive and magnetic personality, caring type, helpful and kind, a compassionate being, dependable and trust-worthy liked by all. Your generosity shines. All these virtues elevate you and your social status. It is only when money is put to good use directly and indirectly, you enjoy your wealth and money is boon for you.

 

This motivation article is inspired by the article sent by Cap. Ravi Mahajan (Retd.). We are grateful to Cap. Ravi Mahajan.

 

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