जीवन जीने के दो पहलू- प्रेरक कहानी

जीवन जीने के दो पहलू

किसी गाँव में बहुत सारे साधु रहते थे। सुबह से लेकर शयाम तक भिक्षा माँगकर अपना पेट भरते थे। लेकिन साधुओं के अंदर कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होता है जो उन्हें आम इंसान से अलग करता है। ये जरूरी नहीं कि हर साधु के अंदर अलौकिक शक्तियां हो। आजकल के साधु ज्यादातर ढोंगी पाए जाते है। लेकिन सच है तो झूठ भी है। दिन है तो रात भी है। मतलब कोई चीज़ अच्छी है तो उसका बदले में कोई बुरी चीज जरूर मिलेगी।
छोड़िये कहानी सुनाते है। एक बार आँधी-तूफान की वजह से उनकी झोपड़ियां तबाह हो गयी। अंदर बैठे हुए साधु बाहर निकलकर आये और उनमें से कुछ भगवान की तरफ देखकर कहा। भगवान ये तुमने क्या कर दिया। मेरे जीवन को तबाह क्यों करना चाहते हो। में तो तुम्हे हर रोज़ याद करता हूँ। तुम्हारी भक्ति, तप और पूजा इत्यादि करता हूँ। इतना सब कुछ करने के बाद भी भगवान आपने मेरे घर को उजाड़ दिया।

“ज़िन्दगी उसी को आजमाती है, जो हर मोड़ पे चलना जनता है। कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुराता हैं, ज़िन्दगी उसी को होती है। जो सब खोकर भी मुस्कुराना जानता हो..”

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साधु को इतना दुःख हुआ जिसकी वजह से उसने अपने मन की बात जाहिर की। बड़बड़ाते हुए साधु अपने दुःख को जाहिर करता हुआ चला गया। लेकिन उनमे से एक साधु ऐसा था जो ये सब देखकर खुश हो रहा था। जब सबका ड्रामा खत्म हो गया तो उठा और जोर-जोर से नाचने लगा। अपनी खुशी जाहिर करने के लिए भगवान को धन्यवाद करने लगा। भगवान आपने इतने तेज तूफान में भी मेरी झोपड़ी को बचा लिया।

शायद ये मेरी भक्ति का फल है। इस बात से मुझे अब पक्का यकीन हो गया है कि आप मेरी भक्ति से खुश हो। परेशानी चाहे कोई भी, घटना चाहे छोटी हो या बड़ी हर किसी समस्या के दो पहलु होते है। एक पहलू अच्छा होता है दूसरा बुरा। हर किसी इंसान के अंदर सोचने की क्षमता अलग-अलग होती है। कोई इंसान बड़ी से बड़ी बात को भी पॉजिटिव में लेता है और कोई छोटी-छोटी परेशानी को लेकर बहुत दुःखी हो जाता है।

लोगो के सामने रोना रोते है कि मेरे साथ हमेशा बुरा होता है। पता नहीं भगवान क्या चाहता है मुझसे, क्यों मुझे इतना दुःख देता है। लेकिन पॉजिटिव सोच वाला इंसान बड़े से बड़ी प्रॉब्लम में भी अपना आपा नहीं खोता ओर उसमे से भी अच्छी बातों को खोज निकालता है और सफल हो जाता है। अब आपको देखना है आपकी क्या करना है। आर्टिकल पसन्द आये तो फॉलो करना मत भूलियेगा।

मेरा नाम सूरज यादव है, मुझे दूसरों को मोटीवेट करना पसंद है। और मेरी साइट Achhipost.com हैं।

-सूरज यादव

वेबसाइट:  Achhipost.com

“जीवन जीने के दो पहलु” ये प्रेरक कहानी हिंदी सक्सेस के लिए श्री सूरज यादव जी ने भेजी है. इसके लिए हम इनके बहुत आभारी हैं.  आपको “जीवन जीने के दो पहलु” ये inspirational story कैसी लगी हमें अवश्य बताएं.

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