हमारे तीन ख़ास मित्र

विवेक, साहस और धैर्य, Our three best friends Hindi motivational articles

आज से कई साल पहले एक लेख पढ़ा था जिसमें तीन बहुत ही खास मित्रों के बारे में बताया गया था. वो तीन मित्र अगर किसी को मिल जायें तो समझो उसकी ज़िंदगी ही बदल जाये. ये तीनों मित्र बहुत ही भरोसेमंद और जिम्मेदार हैं. ये तीन मित्र अच्छे समय में तो साथ रहते ही हैं और बुरे वक़्त में तो इन मित्रों का बहुत बड़ा सहारा होता है. ये मित्र आप के भी बन सकते हैं. आप भी चाहें तो इनसे दोस्ती कर के इन का साथ हमेशा के लिए पा सकते है. ये तीनों ऐसे दोस्त हैं जो हमारे लिए अँधेरे में भी राह दिखाते हैं.  और इनकी दोस्ती का सबसे बड़ा प्रभाव यह होता है कि हम इनके साथ होने पर बुराई के रास्ते से दूर रहते हैं. आज उस लेख की चर्चा आपके साथ शेयर कर रहा हूँ.

 

हमारे तीन ख़ास मित्र

 

आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये कमाल के तीन मित्र कौन-कौन से हैं और इनसे दोस्ती कैसे की जाए.

तो दोस्तों, ये तीन best friends हमारे परिचित ही हैं और हम अक्सर इनके बारे में सुनते रहते हैं मगर हमें इनसे दोस्ती पक्की करने की फुर्सत नहीं मिलती या फिर हम इन्हें गंभीरता से नहीं लेते. ये तीनो ही ऐसे दोस्त हैं जो हमेशा हमारे साथ रहने को तैयार हैं और जब हम इन्हें अपना परम मित्र बना लेंगे तो फिर ये भी हमारा साथ छोड़कर नहीं जायेंगे.

विवेक, साहस और धैर्य

ये तीन परम मित्र हैं: विवेक, साहस और धैर्य.

विवेक याने अच्छे-बुरे की पहचान. हमें अपनी समझ ऐसी रखनी चाहिए कि हमें अपना अच्छा-बुरा हमेशा दिखाई दे. कोई कितना ही लालच क्यूँ न दे मनुष्य को अपने विवेक का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए. ये हमारा बड़े काम का मित्र है. यदि हमारी इससे दोस्ती हो गयी तो फिर हम सदा ही फायदे में रहेंगे.

साहस यानि हिम्मत और बहादुरी. ये दूसरा दोस्त हमें हर तरह से help करता है. ज़िंदगी में कितनी ही ऐसी परिस्थितियाँ आई होंगी जब हम घबरा गए होंगे. ये हमारा मित्र हमें हर हाल में हिम्मत बनाये रखने में हमारी मदद करता  है. साहस के बिना मनुष्य सक्षम होते हुए भी असफल हो जाता है.

धैर्य का महत्व

 

धैर्य यानि धीरज. धीरज का हमारी life में बड़ा ही महत्व (importance) है. सही समय और सही वक़्त पर किया गया काम ही फलदायी होता है. आपने “सोने के अंडे देने वाली मुर्गी” की कहानी सुनी होगी. उसमें किसान ने धीरज नहीं रखी और नुकसान उठाया. धैर्य का मतलब हिम्मत बनाये रखने से भी होता है. अगर हम हर हाल में हिम्मत बनाये रखेंगे तो हम निराश या जल्दबाजी में गलत कदम उठाने से बचेंगे. हाँ हिम्मत तो हमारे पास पहले से ही है क्योंकि हमारा दूसरा दोस्त हमारे साथ पहले से ही है.

विवेक, साहस और धैर्य  तीन दोस्तों की यह बात आपको कैसी लगी? कमेंट द्वारा जरुर बताएं.

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अनिल साहू
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1 thought on “हमारे तीन ख़ास मित्र”

  1. अनिल जी सही लोगों से दोस्ती करायी है आपने. इन तीनो से अगर दोस्ती हो जाये तो जीवन में सफलता हासिल करना आसान हो जाये . आइजेक न्यूटन की सफलता की कहानी :
    http://www.hindiera.com/sir-isaac-newton-biography-in-hindi/

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