सादगी ऐसी भी ना हो……(Short Motivational Story in Hindi)

सादगी की कहानी. सादगी ऐसी भी न हो. किसी गाँव में किसी कुंए के पास एक सर्प रहता था. वह बहुत ही दुष्ट सर्प था और हर किसी को परेशान करता रहता था. गाँव के लोग उस सर्प के डर से कुंए के पास जाने से भी डरते थे. एक दिन एक महात्मा उस गाँव में आये और गाँव वालों ने महात्मा जी को इस परेशानी के बारे में बताया. महात्मा जी उस सर्प के पास गए और उसे समझाया मगर सर्प ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं समझा. नाराज होकर महात्मा जी ने उस सर्प को श्राप दिया कि आज से तुम्हारे जहर की शक्ति नष्ट हो जायेगी. महात्मा जी के श्राप से उस सर्प की जहर की शक्ति चली गई और तभी से सर्प बहुत शांत रहने लगा. (Sadgi- सादगी की कहानी )
इस घटना के बाद जब से सर्प शांत रहने लगा और उसने लोगों को डरना और फुसकारना बंद कर दिया तब से ही बच्चे उस सर्प को परेशान करने लगे. हर कोई आकर उस सर्प को छेड़ता.
पूरी कहानी पढ़ें:
सर्प परेशान रहने लगाhttp://www.hindisuccess.com/2014/11/19/sadagi-aisi-bhi-na-ho-ki-short-motivational-story-in-hindi/ और वह अधिकांश समय अपने बिल में रहने लगा.संयोग से कुछ वर्षों बाद वही महात्मा फिर से गाँव में आये जिन्होंने सर्प को श्राप दिया था. सर्प ने महात्मा जी को अपनी दुःख भरी कहानी सुनाई और इसका उपाय पूछा.
महात्मा जी ने कहा कि तुम्हारे बुरे कर्मों के कारण तुम्हारी जहर की शक्ति तो चली गई है परन्तु तुम्हारे फुस्कारने की शक्ति अभी भी कायम है. तुम फुसकार कर ही लोगों के मन में अपना डर कायम रख सकते हो ताकि लोग बाग तुम्हे परेशान न कर सकें.सादगी ऐसी भी ना हो (Short Motivational Story in Hindi)

महात्मा जी कि बात मानकर उसी दिन से सर्प ने अपने फन और फुसकार द्वारा लोगों को डराना शुरू कर दिया, इससे लोगों ने उसे परशान करना बंद कर दियाऔर सर्प सुखी जीवन जीने लगा.

 

सादगी

दोस्तों,

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि आज के जमाने में बहुत अधिक सीधे बने रहने का समय नहीं है क्योंकि सीधे आदमी को हर कोई परेशान करता है.

 

जो आदमी लोगों में अपना थोडा बहुत डर या भय बना कर रखता है लोग उससे डरते हैं, उसे परेशान नहीं करते और वो व्यक्ति सुखी रहता है.

 

सादगी ऐसी भी ना हो कि लोग आपको उल्लू बना कर लूट लें.

 

 

 

 

सादगी और जीवन

Friends, इस Hindi Motivational Story का अभिप्राय ये है कि अति हर चीज की बुरी होती है. बहुत अधिक सीधापन या सादगी भी कई बार हमें ले डूबती है. जहाँ जिस तरीके से व्यवहार करने की जरुरत हो वैसे व्यवहार करना चाहिए.

 

कहीं ऐसा न हो कि लोग आपकी सज्जनता और भलमनसाहत को आपकी मुर्खता और बेवकूफी समझ कर आपका नाजायज फायदा उठा रहे हों. अगर ऐसा है तो आप तुरंत सावधान हो जाईये और अपनी सज्जनता और भलमन साहत का दूसरों को गलत उपयोग ना करने दीजिये.

दोस्तों, सादगी से सम्बंधित यह हिंदी कहानी आपको कैसी लगी? अगर आपको ये कहानी पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों और Facebook friends तक जरुर शेयर करें. आप अपनी सोच और सुझाव कृपया अपने कमेंट्स द्वारा हमें बताने का कष्ट करें.

 

Other Motivational Stories in Hindi

Nice Story: अच्छे व्यक्तित्व का फ़ायदा

हिंदी सक्सेस लोकप्रिय कहानियों का संग्रह

HindiSuccess के नए पोस्ट की जानकारी ई-मेल पर पायें

26 thoughts on “सादगी ऐसी भी ना हो……(Short Motivational Story in Hindi)”

  1. बिलकुल सही कहा अनिल जी ,हमे इतना भी नर्म नहीं बनना चाहिए कि लोग हमें ही नुकसान पहुंचाने लग जाए। इसीलिए तो चाणक्य जी कह गए कि सांप अगर जहरीला न भी हो तो भी उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *