Pehchan shayary, पहचान शायरी

शायर की पहचान शायरी

पहचान हाथ की लकीरें रखतीं तो उनसे पूछ लेता.

आपके घर का पता ही मालूम नहीं.

अजनबी तुम नहीं मगर गैर से लगते हो.

क्या हमारे वजूद से तुम्हें इत्तेफाक नहीं.

 

आपकी पहचान हमारी शान है

 

Pehchan shayary, पहचान शायरी

 

दोस्तों से शान होती है,

ना हो दोस्त तो महफिल वीरान होती है.

दोस्ती से ही दुनिया है कायम यारो,

दोस्तों से ही रिश्तों की पहचान होती है.

 

Pehchan Shayary in Hindi. बेहतरीन पहचान शायरी. Beautiful Short lines for friends.

 

ये नज़र चुराने की आदत आज भी नही बदली उनकी!
आज मैं खुद से भी बेगाना सा लगता हूँ.

 

दोस्त तो याद करते हैं….

अब हिचकियाँ आती हैं तो पानी पी लेते हैं.

ये वहम छोड़ दिया कि कोई याद करता है !!

 

इत्तफाक़ कहूँ या फिर इबादत मेरी.
मिल गए हो तुम पर पहचानते नहीं हो.

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1 thought on “शायर की पहचान शायरी”

  1. पहचान हाथ की लकीरें रखतीं तो उनसे पूछ लेता.

    आपके घर का पता ही मालूम नहीं.

    अजनबी तुम नहीं मगर गैर से लगते हो.

    क्या हमारे वजूद से तुम्हें इत्तेफाक नहीं.

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