Why many bloggers like Hinglish Posts in Hindi blog?

Which is the better language for blogging Hindi, English or Hinglish? आप क्या सोचते है: हिंदी और Hinglish किस भाषा में blog better रहता है? आज भी बहुत से blogger confuse रहते हैं कि blogging के लिए कौन सी भाषा का use करना चाहिए. कर ब्लॉगर अपने blog को अच्छी तरह से google search engine में rank कराना चाहता है. ऐसे में blog के लिए सही और ऐसी भाषा का उपयोग करना बहुत जरूरी है जिससे blog readers को भी आसानी हो और blog का खोज इंजनों में अच्छा रिजल्ट भी आये.

Why many bloggers like Hinglish posts?

भाषा विचारों की अभिव्यक्ति का एक माध्यम है. सफल blog के लिए यह बहुत आवश्यक है कि उसकी language simple और easy तो understand हो. अगर आपके blog की लैंग्वेज users को समझ में नहीं आती तो फिर आपका blog एक अच्छा blog नहीं कहा जा सकता है. Many bloggers like Hinglish posts because of search engine optimization purposes. 

हिंदी blog की कौन सी भाषा हो हिंदी या हिंगलिश


एक blog स्टार्ट करते समय यह एक बहुत important question होता है कि आपके ब्लॉग या वेबसाइट की लैंग्वेज क्या हो. एक professional वेबसाइट या ब्लॉग के administrator के लिए ये बात बहुत जरुरी है की वो अपनी वेबसाइट के लिए किस तरह की भाषा शैली का उपयोग करता है. आजकल Hinglish यानि हिंदी और इंग्लिश mix वाले ब्लॉग बहुत ज्यादा चल रहे हैं. इसके अपने फायदे हैं तो आज की इस पोस्ट में इसी topic पर Hinglish में ही कुछ चर्चा करते हैं. इस पोस्ट का टॉपिक है “Why many bloggers like Hinglish posts?” तो इस टॉपिक पर इसी प्रकार की भाषा में चर्चा करना ठीक रहेगा.

इंग्लिश हिंदी का मिक्स रूप है हिंगलिश


शुद्ध हिंदी या शुद्ध अंग्रेजी के बजाये हिंगलिश एक ऐसी भाषा है जिसमें दोनों भाषाओँ का मिश्रण होता है. दरअसल यह कोई भाषा नहीं है बल्कि भाषा का एक मिश्रित और अनुकूलित रूप है जो कई कारणों से प्रयोग में लिया जाता है. कभी कभी हिंदी भाषा का अंग्रेजी मिश्रित रूप कुछ लोगों के लिए सरल लगता है. इसे इस तरह से समझ सकते हैं जैसे एक अहिन्दी भाषी प्रदेश के लोग जिन्हें हिंदी अच्छी तरह से नहीं आती लेकिन वो इंग्लिश अच्छी जानते हैं वो किसी हिन्दीभाषी व्यक्ति से बात करते समय हिंदी के बीच बीच में अंग्रेजी का use करने लगते हैं. हिंदी कि लिपि देवनागरी है और हिंगलिश की लिपि roman है. या हम यह कहें कि हिंदी को अगर रोमन में लिखें तो उसे hinglish कह सकते हैं.


Jab maine blogging ke field me shuruaat ki tab maine shuru se hi Hindi Roman me likjna chalu kiya kyonki mujhe Hindi typing nahi aati thi. Baad me mene mahsus kiya ki is tarah se likhne se achchha hai ki sirf English Roman me likha jaye. Lekin isme mujhe pata chala ki Hindi-Roman me likhi posts search engine me jyada success ho rahi hain.

Why to write Hindi blogs in Hindi Roman


Hindi net users ki adat Hindi content ko roman me search karne ki aadat shuru se hi rahi hai. Isse Hindi roman me likhi gai posts search engine me jyada jaldi aa jati hain jabki kuchh blogger adhik shuddh ya sahityik Hindi me likhte hain to unke blog utne jyada search visits nahi paa paate.

Vaise ek naye blogger ko dono tarah ki possibilities par dhyan dena theek rahta hai aur jab uska blog jyada popular hone lage tab wo chahe to kisi ek style ko follow kar sakta hai.

Why to write Hindi blog in Hindi Devnagri?


Hindi Devnagri me likhna ek achchhe hindi blogger ke liye ek shandar plus point ho sakta hai. Isse sabse bada fayda uski reputation par padta hai. Blogging ke kshetr me fir bhi aajkal bhasha ki shuddhta ke bajaye bhasha ki dharapravahita aur saralta par jyada dhyan diya jata hai.

वैसे यह बात हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है कि use देवनागरी में ज्यादा सहज महसूस होता है या रोमन में. आजकल तो mobile phones में हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी languages के fonts आसानी से मिल जाते हैं. हाँ एस एम एस करने में आज भी बहुत से लोग हिंदी को भी रोमन में लिखते हैं. ब्लागिंग के लिए भी दोनों भाषाओँ के जानकारों को हिंगलिश में कोई परेशानी नहीं होती लेकिन जिन्हें इंग्लिश अच्छी नहीं आती उन्हें Hinglish पढने में परेशानी हो सकती है. इसलिए blogger को blog पढने वाले readers को ध्यान में रखते हुए bhasha का चयन करना चाहिए.
बहुत से नए और पुराने ब्लागर भी हिंदी-इंग्लिश mix भाषा का यूज़ करते हैं और मजेदार बात तो तब होती है जब प्रतिष्ठित blogger भी हिंदी-रोमन का प्रयोग करते दिखाई देते हैं. Do you think blogs in Hinglish are ranking top in India now a days?  यह सवाल ही bloggers के लिए हिंगलिश use करने को inspire करता है. और देखा जाये तो इस बात में दम है कि हिंदी ब्लॉग में थोड़े से इंग्लिश words blog की search ingine ranking को सुधरने में help करते हैं.

 
हिंदी के बीच बीच में English words लिखने से article अधिक seo फ्रेंडली हो जाता है ऐसा कई ब्लागर्स का अनुभव है इसलिए इंग्लिश words का थोडा बहुत उपयोग कर सकते हैं. लेकिन यहं भी यह ध्यान रखना ही होगा कि पढने वालों को article समझ में आये. इसके लिए इंग्लिश words के साथ साथ हिंदी words भी लिख सकते हैं और यह अधिक अच्छा होगा.

Aajkal is bare me bahut se blogger manthan kar rahe hai ki wo Hindi blog ke liye devnagri ke bajaye roman me likhe ya fir devnagri ke search visits ke badhne ka intejar kare.

Hindi-English mix blog:-


Bahut se success blogger Hindi blog me bhi English words ko use karke SEO ko badhane ka prayas karte hain. Isse fayde to hai lekin jo readers English me weak hai unke liye samasya ho sakti hai. Vaise ek idea ye bahut achcha hai ki kuchh posts ko khas prakar se mix language me likh kar alag section me dal diya jaye taki blog ki search ranking bhi badhti rahe aur new posts fir apni desired language me likhte rahe.

इंटरनेट पर भाषा के बजाए users content और जानकारी पर ज्यादा ध्यान देते हैं. इसके लिए new bloggers को पहले अपनी search engine ऑप्टिमाइजेशन पर ध्यान देकर बाद में अपने ब्लॉग के लिए एक मानक तय करना ठीक रहना चाहिए.

हिंदी-इंग्लिश mix भाषा के blog  


बहुत से नए और पुराने ब्लागर भी हिंदी-इंग्लिश mix भाषा का यूज़ करते हैं और मजेदार बात तो तब होती है जब प्रतिष्ठित blogger भी हिंदी-रोमन का प्रयोग करते दिखाई देते हैं. Do you think blogs in Hinglish are ranking top in India now a days?  यह सवाल ही bloggers के लिए हिंगलिश use करने को inspire करता है. और देखा जाये तो इस बात में दम है कि हिंदी ब्लॉग में थोड़े से इंग्लिश words blog की search ingine ranking को सुधरने में help करते हैं.



Overall language is the medium of the expression so which type of language you use is not so important. The main thing is your emotions and the knowledge which you want to provide or show to others.

Can we write blog in Hinglish

blog किस भाषा में लिखना है यह आप कि निजी choice है और एक ब्लागर इसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र है कि वह जिस भाषा में blog लिखना चाहे लिख सकता है. अगर पूछा जाये कि कोई ब्लागर हिंगलिश में पोस्ट लिख सकता है कि नहीं तो इसका जवाब होगा अवश्य लिख सकता है.


ब्लॉगिंग एक ऐसी विधा है जिसमें निरंतर कुछ न कुछ नया करने की गुंजाईश रहती है. क्या आप अपने ब्लॉगिंग के अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहेंगे?

Friends, इस पोस्ट में व्यक्त विचार मेरे अपने है. ब्लॉगिंग के बारे में मेरी इस Hindi Post के बारे में

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